Page 90 - AERB Annual Report 2020
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पयावरण सर ा एव यावसाियक उ ासन 4
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4.1 पयावरणीय सर ा (1000 माइ ोसीवट) का छोटा सा अश ह। इन सीमाओ को
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िनिद करते समय यह सिनि त िकया जाता ह िक िवमोचन
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नािभक य स थान क आसपास पया वरण क सर ा जनता उ ासन सीमा के अदर ' यनतम यवहा रक ा य सीमा
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रिडयोसि य िवमोचन क िनय ण तथा पया वरण क मानीटरन (एएलएआरए)' िस ात के अनसार िनयि त हो। तकनीक
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ारा सिनि त क जाती ह। म यत: ये िवसज न, चालन क िविनदश म िनिद सीमाए सिनि त करती ह िक जनता को
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दौरान उ प न तरल या गैस क प म होते ह। िमली डोज़ येक सय थल म 1000 माइ ोसीवट से काफ
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कम हो। सय ारा िवमोिचत बिह: ाव िनिद सीमा से काफ
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सय क थल चयन, िनमा ण, कमीशनन, चालन एव ं कम होता ह।ै
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िवकमीशनन आिद पर जीवनकाल म अपिश बधन पहलओ ु ं
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क समी ा क जाती ह। सय ारा रिडयोसि य अपिश क सय थल ारा बिह: ाव िवमोचन सिहत साविधक
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बधन क ि या क सतोष द समी ा क आधार पर रपोट एईआरबी को भजे ी जाती ह।ै एईआरबी िनिद
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एईआरबी रिडयोसि य बिह: ाव क मा ा व सि यता क बार आव यकताओ ं
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यह दखा गया ह िक सभी एनपीपी साइट क े
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म परमाण ऊजा (रिडयोसि य अपिश का सरि त िनपटान) के पालन क पि ु आसपास जनता क िलए भावी खराक एईआरबी
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िनयम, 1987 क अतग त ािधकार जारी करती ह। क िलए थल का ारा िनधा रत 1mSv (1000 माइ ो-सीवट ) क
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िनरी ण भी करता वािषक सीमा से बह त कम ह। ै
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एईआरबी ने रिडयोसि य अपिश क सरि त बधन ह।ै येक पाच ं
क आव यकताओ को अपनी सर ा सिहता 'रिडयोसि य वष म लाइस स के
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अपिश का बधन' (एईआरबी/एससी/आरड य) म िनिद नवीनीकरण से पहले अपिश बधन काय , बिह: ाव
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िकया ह तथा सिहता क आव यकताओ क पित क िलए िवमोचन तथा पया वरण पर उनके भाव क िव तत समी ा क
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िविभ न पहलओ पर माग दशन क िलए कई सदिशकाए जारी क जाती ह।ै
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ह। सिहता म अपिश बधन सिवधाओ क िडज़ाइन, िनमा ण व
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चालन म िविकरण सर ण पहलओ क आव यकताओ तथा भा.प.अ.क क वा य व पया वरण वग क वत ं
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इस काय म शािमल िविभ न एज िसय क उ रदािय व का वणन पया वरण सव ण योगशालाए ँ सभी चािलत सय थल पर
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ह। यह सिहता ख़तरनाक रासायिनक व जैिवक पदाथ वाले पया वरण िनगरानी का काय करती ह। वष 2019 म चािलत
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रिडयोसि य अपिश पर भी लाग होती ह य िप ऐसे अपिश सय से िवमोिचत गैसीय व तरल बिह: ाव तकनीक
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क िलए सबिधत मानक क अनसार अ य िवशष आव यकता िविनदश म िनिद सीमाओ का एक छोटा सा अश था।
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भी लाग होती ह।
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सय थल क िनकट रहने वाली जनता को िमलने वाली
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एईआरबी का िनदश ह िक चािलत सय क िनकट रहने िविकरण डोज़ का आकलन, गैसीय िवमोचन, खा पदाथ
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वाली जनता को सय से सि यता िवमोचन क कारण (स जी, अ न, दध, मास, मछली आिद) म रेिडयोनािभक के
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िमलनेवाली डोज़ वािषक सीमा 1 mSv (1000 माइ ोसीवट) मापन तथा पानी व हवा के ारा अत हण के आधार पर िकया
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से अिधक नह होनी चािहए। यह सीमा अतरा ीय िविकरण जाता ह।ै यह पाया गया ह ै िक सभी सय थल पर जनता को
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सर ण कमीशन (आईसीआरजी) क स तित क अन प ह। इस िमली भावी डोज़ 1 mSv (1000 माइ ोसीवट ) क वािषक
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सीमा क आधार पर एईआरबी ने सय चालन क तकनीक सीमा से काफ कम ह।ै
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िविनदश म गैसीय तथा तरल बिह: ाव क सीमाए भी िनि त
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क ह। ये तकनीक िविनदश सीमाए िविश रिडयोनािभक क
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िलए जनता को आबिटत डोज़ से काफ कम ह। िविश
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रिडयोनािभक डोज़ आबटन जनता क वािषक डोज़ सीमा
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एईआरबी वािषक ितवदन 2020

