The mission of the AERB is to ensure the use of ionising radiation and nuclear energy in India does not cause undue risk to the health of people and the environment.

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उपभोक्‍ता उत्‍पाद एवं स्‍कैनिंग सुविधायें

इस संदर्भ के लिये उपभोक्‍ता उत्‍पाद वह रेडियोसक्रिय पदार्थ युक्‍त उत्‍पाद या सामग्री है जिसे अंतिम प्रयोक्‍ता के लिये नियामक नियंत्रण से मुक्‍त रखा गया है। परंतु बड़े पैमाने पर इनके उत्‍पादन व वितरण के लिये नियामक संस्‍था से प्राधिकार के रूप में लायसेंस प्राप्‍त करना आवश्‍यक है। छूट की सीमा से अधिक मात्रा में रेडियोसक्रियता वाले उत्‍पादों का संरक्षा आकलन तथा टाईप अनुमोदन आवश्‍यक है।

भारत में रेडियोसक्रिय पदार्थ युक्‍त एवं बड़ी संख्‍या में बनने व प्रयोग किये जाने वाले उत्‍पाद हैं – रेडियोप्रदीप्‍त घडि़यां, गैसीय ट्रीशियम प्रकाश स्रोत (GTLS), गैसीय ट्रीशियम प्रकाश युक्तियां (GTLD), आयनीकरण कक्ष धूम्र संसूचक (ICSD), प्रतिदीप्‍त लैंप स्‍टार्टर, प्रति-स्‍थैतिक युक्तियां तथा तापदीप्‍त गैस मैंटल।

स्‍कैनिंग सुविधायें

स्‍कैनिंग सुविधाओं का प्रयोग प्रतिबंधित वस्‍तुओं एवं विस्‍फोटको के संसूचन के लिये होता है। ये सुविधायें आर्थिक अपराधों (जैसे आपात या परिवहन के दौरान सामान की गलत जानकारी देना) के लिये महत्‍वपूर्ण हैं। कई स्‍कैनिंग सुविधायें उपलब्‍ध हैं जो मुख्‍यत: एक्‍स–रे आधारित उपकरण होते हैं। कुछ स्‍कैनिंग सुविधाओं में Co-60 रेडियोआइसोटोप का प्रयोग भी होता है।

स्‍कैनिंग सुविधाओं के विभिन्‍न वर्ग इस प्रकार हैं :-

  • कैबिनेट एक्‍स-रे सामान स्‍कैनर
  • सुवाह्य एक्‍स-रे स्‍कैनर
  • कंप्‍यूटेड टोमोग्राफी आधिारित एक्‍स–रे सामान स्‍कैनर
  • एक्‍स-रे आधारित खाद्य पदार्थ स्‍कैनर
  • पीसीबी विश्‍लेषक
  • एक्‍स-रे ट्यूब आधारित वाहन स्‍कैनर
  • Co-60 आधारित वाहन स्‍कैनर
  • लाइनेक आधारित वाहन स्‍कैनर
  • रेल स्‍कैन

 

Courtesy: Google Images

निर्माताओं/आपूर्तिकर्ताओं के लिये आवश्‍यकतायें

उपभोक्‍ता सामग्री केऐसी उपभोक्‍ता सामग्री के उत्‍पादन तथा/अथवा अंतिम प्रयोक्‍ता को आपूर्ति करने के लिये निर्माता/आपूर्तिकर्ता को एईआरबी के प्राधिकार प्राप्‍त करना आवश्‍यक है।

उत्‍पादन परिसर का विकमीशनन

परिसर की संदूषण के लिये जांच की जानी चाहिये। संदूषित परिसर को स्‍वीकार्य स्‍तर तक विसंदूषित किया जाना चाहिये। इसके बाद इसे किसी अन्‍य उपयोग के योग्‍य घोषित किया जा सकता है। रेडियोसक्रिय अपशिष्‍ट को नियामक अनुमति के बाद उचित ढंग से निपटाया जाना चाहिये।

उपभोक्‍ता उत्‍पादों के निर्माताओं का प्राधिकरण

एक्‍स-रे निरीक्षण तंत्रों के अनुमोदन की विधि

अतिरिक्‍त जानकारी

एईआरबी निर्देश क्र. 01/2010 : ठोस पदार्थों में रेडियोनाभिकों का अपवर्जन, विमुक्ति व छूट

प्रयोक्‍ता द्वारा युक्तियों का निपटान :

प्रयोक्‍ता ऐसे उत्‍पादों का प्रयोग करने के बाद किसी अन्‍य नियंत्रण के बिना उनका जन-क्षेत्र में निपटान कर सकता है। यदि प्रयोक्‍ता द्वारा बड़ी संख्‍या में भंडारण/निपटान किया जाना है तो उसे एईआरबी से अनुमोदन लेना चाहिये।

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