एईआरबी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में आयनीकारक विकिरण तथा नाभिकीय ऊर्जा के कारण लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को किसी भी प्रकार का अवांछित जोखिम न हो ।

ई-लोरा (विकिरण अनुप्रयोगों के ई-लाइसेंसिंग)
मैं एक आवेदक हूँ
मैं रेडियोलाजिकल चिकित्‍सा व्‍यवसायिक हूँ
मैं एक मरीज हूँ
मैं एक आदाता / उत्पादक हूँ
मैं एक रेडियोग्राफर हूँ
संरक्षा से संबंधित किसी भी चिंताजनक बात की रिपोर्ट करें
आपातकालीन स्थिति में क्या करें
सार्वजनिक क्षेत्र में नाभिकीय अथवा विकिरणीय आपातकालीन घटना के लिए संपर्क करें
संरक्षा अनुसंधान कार्यक्रम

नवीनतम समाचार

19-Feb-2020
एईआरबी और यूएसएनआरसी के बीच द्विपक्षीय बैठक 27-30 जनवरी, 2020 को एनआरसी के मुख्यालय रॉकविले, मैरीलैंड , यूएसए में आयोजित की गई थी।new_blink_img
17-Jan-2020
डायग्नोस्टिक रेडियोलॉजी में काम करने वाले कर्मियों के बीच विकिरण सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए, एईआरबी ने 'फ्लोरोस्कोपी में विकिरण सुरक्षा' पर एक वीडियो बनाया है।
09-Jan-2020
एईआरबी ने ‘भारतीय विज्ञान कांग्रेस - प्राइड ऑफ इंडिया एक्सपो 2020’ में भाग लिया और परमाणु ऊर्जा और आयनीकारक विकिरण स्रोतों के सामाजिक अनुप्रयोग के उपयोग में विकिरण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने नियामक ढांचे और कार्यों पर विभिन्न प्रदर्शनों को प्रदर्शित किया।

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कार्यालय का पता

परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद, नियामक भवन अणुशक्तिनगर,, मुंबई 400094, भारत,

कार्य का समय
9:15 से 17:45 – सोमवार से शुक्रवार

वर्ष के सार्वजनिक अवकाशों की सूची